Saturday, October 3, 2009

واپسی


واپسی
پھر وہی چاندنی راتوں کا سماں اورتری قربت کا خیال
پھر وہی جاں کا زیاں اور وہی بے سود سوال
تیری آنکھوں کے ستارے میری منزل کا چراغ
تیری پلکوں کے اشارے میری راہوں کا سراغ
میں نے چاہا تھا کہ اندوہ جفا سے چھوٹوں
میں نے چاہا تھا کہ اقرار وفا سے پلٹوں
تیرگی شب کی مجھے یوں تیرے درتک لائی
پھر وہی طوق ملامت میرے سر آئ
میں نے گھبرا کے رگ جاں سے جو نشتر کھینچا
پوچھ مت مجھ سے کہ یہ کرب کہاں تک پہونچا
موسموں کی طرح چہروں کو بدلتے دیکھا
چاندنی رات میں سورج کو نکلتے دیکھا
چارہ سازوں کو بھی شمشیر برہنہ دیکھا
پوچھ مت مجھ سے کے ان آنکھوں نے کیا کیا دیکھا
عمر اپنی تو یونہی قرض چکاتے گزری
جو نہ واجب تھے وہی فرض نبھاتے گزری
ہم طرح دار ہیں ایسے کہ ادا رکھتے ہیں
خوں بہا دیتے ہیں پھر قرض ادا کرتے ہیں
زد پہ آیا جوعدو چھوڑ دیا کرتے ہیں
اپنے اپنے بھی کچھ انداز ہوا کرتے ہیں
کج کلاہی بھی اگرکی ہے تو ایسی کی ہے
اپنے ہاتھوں ہی سے خود زہرہلاہل پی ہے
پھر اسی طوق حزیمت کو پہننے کے لئے
تیرگی شب کی مجھے پھر تیرے درتک لائی
اب نہ پلٹوں گا میں اقرا وفا سے ہمدم
تیرے پندار وفا کی میں قسم کھاتا ہوں .
احمد عرفان
वापसी
फिर वही चांदनी रातों का समां फिर तेरी क़ुर्बत का ख़याल
फिर वही जां का ज़ीयां और वही बे सूद सवाल
तेरी आँखों के सितारे मेरी मंजिल का चिराग़
तेरी पलकों के इशारे मेरी राहों का सुराग़
मेंने चाहा था के अंदोहे जफा से छूटूं
मेंने चाहा था के इक़्रार-ऐ- वफ़ा से पलटूं
तीरगी शब् की मुझे यूँ तेरे दर तक लाई
फिर वही तौक़े मलामत मेरे सर आयी
मैने घबरा के रगे जां से जो नश्तर खींचा
पूछ मत मुझ के यह कर्ब कहाँ तक पंहुचा
मोस्मों की रह चेहरों को बदलते देखा
चांदनी रात में सूरज को निकलते देखा
चारा साजों को भी शमशीर बिरहना देखा
पूछ मत मुझसे के इन आँखों ने क्या क्या देखा ?
उम्र अपनी तो यूँ ही क़र्ज़ चुकाते गुजरी
जो न वाजिब थे वही फ़र्ज़ निभाते गुजरी
हम तरह दार हैं ऐसे के अदा रखते हैं
खूं बहा देते हैं फिर क़र्ज़ अदा करते हैं
ज़द पे आया जो उदू छोड़ दिया करते हैं
अपने अपने भी कुछ अंदाज़ हुआ करते हैं
कज कुलाही भी अगर की है तो ऐसी की है
अपने हाथो' ही से ख़ुद ज़हर-ऐ-हला-हल पी है
फिर उसी तौक़-ऐ-हज़ीमत को पहन-ने-के लिए
तीरगी शब् की मुझे फिर तेरे दर तक लाई
अब न पल्टू' गा में इक़रा-ऐ-वफ़ा से हमदम
तेरे पिन्दार-ऐ-वफ़ा की मैं क़सम खाता हूँ।
अहमद इरफान

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